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भारत में Home Loan Distribution 2035 तक ₹150 लाख करोड़ पहुंच सकता है, जानिए क्यों तेजी से बदल रहा है पूरा सेक्टर

भारत में Home Loan Distribution 2035 तक ₹150 लाख करोड़ पहुंच सकता है, जानिए क्यों तेजी से बदल रहा है पूरा सेक्टर

Home Loan Distribution भारत का Home Loan Market अगले एक दशक में ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2035 तक भारत में होम लोन का कुल वितरण ₹150 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा सिर्फ एक अनुमान नहीं, बल्कि देश में हो रहे urbanisation, बढ़ती आय, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सरकारी नीतियों का नतीजा है।

गुरुवार को जारी Omniscience Capital की रिपोर्ट बताती है कि भारत का हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर अब एक ऐसे फेज में प्रवेश कर चुका है, जहां यह sustainable और multi-year growth के लिए तैयार है।

भारत में Home Loan सेक्टर क्यों बन रहा है सबसे बड़ा अवसर?

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में हाउसिंग फाइनेंस आज सबसे मजबूत structural credit opportunity के रूप में उभर रहा है। इसके पीछे चार बड़े कारण हैं:

जनसांख्यिकी में बदलाव (Demographics)

तेजी से होता शहरीकरण (Urbanisation)

बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश

सरकार की लगातार सपोर्टिव नीतियां

इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर भारत में होम लोन की मांग को लंबी अवधि के लिए मजबूत बना दिया है।

GDP के मुकाबले Mortgage Penetration अभी भी बहुत कम

रिपोर्ट का एक अहम पॉइंट यह है कि भारत में mortgage-backed loans की पहुंच अभी भी GDP के सिर्फ 11% तक सीमित है।

यह आंकड़ा global benchmark के मुकाबले काफी कम है।

इसका सीधा मतलब यह है कि:

भारत में अभी भी लाखों लोग ऐसे हैं, जो भविष्य में Home Loan लेंगे

बैंक और Housing Finance Companies (HFCs) के लिए ग्रोथ की बहुत बड़ी गुंजाइश मौजूद है

यही वजह है कि एक्सपर्ट्स भारत के होम लोन मार्केट को under-penetrated but high-potential मान रहे हैं।

बढ़ती आय और शहरी आकांक्षाएं दे रही हैं ग्रोथ को रफ्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे:

लोगों की आय बढ़ रही है

मिडिल क्लास और अपर-मिडिल क्लास का विस्तार हो रहा है

शहरी जीवन की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं

वैसे-वैसे खुद का घर खरीदने की चाह भी मजबूत हो रही है।

यह ट्रेंड Home Loan सेक्टर को long-term demand visibility देता है, जो किसी भी फाइनेंशियल इंडस्ट्री के लिए सबसे जरूरी फैक्टर होता है।

2035 तक 65 करोड़ से ज्यादा होगी शहरी आबादी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2035 तक भारत की शहरी आबादी 65 करोड़ से अधिक हो सकती है और देश की urbanisation rate 43% तक पहुंच सकती है।

इसके पीछे मुख्य वजहें हैं:

हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार

मेट्रो रेल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में निवेश

लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर

तेजी से विकसित हो रही satellite townships

इन सभी प्रोजेक्ट्स ने शहरों के आसपास नए रिहायशी हब तैयार किए हैं, जहां affordable और mid-income housing की मांग लगातार बढ़ रही है।

सरकारी योजनाएं दे रही हैं Home Loan सेक्टर को सपोर्ट

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार की कई बड़ी योजनाएं हाउसिंग सेक्टर को सीधा सपोर्ट दे रही हैं।

प्रमुख सरकारी पहलें

PMAY 2.0

इसका लक्ष्य लगभग 30 million अतिरिक्त घरों के लिए फाइनेंसिंग को सपोर्ट करना है।

SWAMIH-2 Fund

इसका उद्देश्य करीब 1 लाख अटकी हुई mid-income housing units को पूरा करना है।

₹1 लाख करोड़ Urban Challenge Fund

इसे भारतीय शहरों को future-ready growth hubs बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इन पहलों से न सिर्फ घरों की सप्लाई बढ़ रही है, बल्कि Home Loan की डिमांड को भी मजबूत आधार मिल रहा है।

RERA से बढ़ा खरीदारों का भरोसा

रिपोर्ट में RERA (Real Estate Regulatory Authority) की भूमिका को भी बेहद अहम बताया गया है।

“RERA के लगातार और सख्त क्रियान्वयन से रियल एस्टेट इकोसिस्टम में पारदर्शिता बढ़ी है और खरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है।”

आज खरीदार:

प्रोजेक्ट डिले को लेकर ज्यादा आश्वस्त हैं

डेवलपर्स की जवाबदेही बढ़ी है

बैंक भी ऐसे प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने में ज्यादा सहज हैं

इसका सीधा असर Home Loan approvals और disbursement पर पड़ता है।

Housing Finance Industry क्यों है अगली Economic Growth की रीढ़?

Omniscience Capital की रिपोर्ट के अनुसार:

मजबूत balance sheets

बेहतर affordability

और कई सालों तक दिखने वाली demand

इन वजहों से Housing Finance Industry भारत की आर्थिक ग्रोथ के अगले चरण का एक अहम हिस्सा बनने जा रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में:

Home Loan का साइज बढ़ेगा

टियर-2 और टियर-3 शहरों में लोन की हिस्सेदारी बढ़ेगी

और डिजिटल प्रोसेस से लोन लेना और आसान होगा

निष्कर्ष

भारत का Home Loan Market अब सिर्फ एक फाइनेंशियल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि देश की urban growth story का अहम हिस्सा बन चुका है।

अगर अनुमान सही साबित होते हैं, तो 2035 तक ₹150 लाख करोड़ का Home Loan Distribution भारत के फाइनेंशियल सिस्टम को पूरी तरह नया आकार दे सकता है।

यह ग्रोथ न सिर्फ बैंकों और HFCs के लिए अवसर है, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों के लिए भी, जो आने वाले वर्षों में अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं।

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  • Vikas Gupta

    Since 2000 I am doing stock market trading, previously worked with various credit card, loan, insurance and other financial related company.

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